बेटे ने किया जन सेवा के लिए प्रेरित तो अनिल करने लगे यह कार्य, पढ़े यह प्रेरित करने वाला इंटरव्यू
- By डेस्क --
- 23 February 2022 --
प्रश्न : आप राजनीति से पहले जन सेवा का कार्य करते आ रहे हैं तो ये काम करने की प्ररेणा आपको कहां से मिली?
उत्तर : मुझे यह प्रेरणा मेरे बेटे से मिली। मुझे एक वाक्या याद है जब हम एक मंदिर गए थे तो मंदिर से लौटने के बाद मेरे बेटे से एक भीखारी ने कुछ खाने के लिए मांगा। मेरी गाड़ी में केले पड़े थे तो वह गाड़ी में गया और दो दर्जन सारे केले निकालकर वहां भिखारियों को दे दिए। मैं यहां खड़ा होकर देखता रहा और भावुक हो गया। जब मैंने अपने बेटे से पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया और सारे केले क्यों दे दिए तो उसने कहा कि पापा वो भूखे थे और खाने की जरूरत थी। हम तो घर जाकर खाना खा लेंगे लेकिन उनका नहीं पता उन्हें खाना कब मिलेगा। इन केलों से उनकी भूख तो कुछ मिट जाएगी। उसकी यह बात मेरे दिल को छू गई और उस दिन से मैं जन सेवा का कार्य करने की ढान ली।
प्रश्न : आप किस तरह का जन सेवा का कार्य करते हैं और अब कब—कब करते हैं?
उत्तर—: मैं जन सेवा का कार्य अलग—अलग रूप में करता हूं। मैं कभी प्रचार के लिए या अखबार में अपनी खबर छपवाने के लिए काम नहीं करता। मेरी कोशिश सिर्फ यह रहती है कि मैं ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों की मदद करूं। आपको पता है कि मैं तो आपको भी इंटरव्यू नहीं दे रहा था। क्योंकि मुझे प्रचार का शौक नहीं है। मुझे जो कार्य करने हैं वो मैं करता हूं।
प्रश्न — 3 : तो आप कौन—कौन से जन सेवा के कार्य कर रहे हैं?
उत्तर —3 : सबसे पहले तो यह है कि मेरे पास कोई मदद मांगने आता है तो मैं उसकी हर संभव मदद करता हूं। कोरोना के समय में मैंने लोगों को मास्क दिए, सैनेटाइजर दिए। यहां तक कि लोगों को भाप की मशीन, आक्सीमीटर जैसे चीजें भी मैंने दी। मैं मंगलवार और शनिवार को कुछ मंदिरों के बाहर बैठे जरूरतमंद लोगों को खाना या नास्ता जो उपलब्ध होता है, 100 से ज्यादा लोगों को खिलाता हूं या अपनी टीम को बोल देता हूं वो खिला देती है। अभी हमारे एक मित्र की संस्था है जिसने कुछ जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मिशाई देने का कार्यक्रम किया था तो उसने मुझसे मदद मांगी तो मैंने 10 महिलाओं को सिलाई मशीन दी। मैं अपनी चीजें गिनवा नहीं रहा हूं बस यही कहना चाहता हूं कि अगर आप सक्षम हैं तो दूसरे जरूरतमंद लोगों की मदद जरूर करें।
प्रश्न 4 : इससे अलग एक बात और पता चली है कि आपको कबडडी खेल से लगाव है और आप कबडडी भी खेल चुके हैं और अब कबडडी के खिलाड़ियों की मदद भी कर रहे हैं?
उत्तर 4 : जी आप सही कह रहे हैं, मुझे कबडडी से लगाव है और मैंने खेली भी है। बात सिर्फ इतनी है कि कबडडी लीग अब कुछ समय से होने लगी है और खिलाड़ियों को पैसा मिलने लगा है। लेकिन लीग से पहले इस खेल में इतना पैसा नहीं था और खासकर हमारे समय में तो बिलकुल भी नहीं था। मुझे एक कबडडी खिलाड़ी मिला जो यह खेलने के लिए विदेश जाना चाहता था तो मैंने उसकी मदद कर दी। लेकिन उस मुझे लगा कि और पता नहीं कितने खिलाड़ियों को हर तरह की जरूरत होगी। तब मैंने फैसला किया मैं कबडडी की अकादमी बनाउंगा और खिलाड़ियों की मदद करूंगा। आप देख ही सकते हैं कि इसमें खिलाड़ी किस तरह अभ्यास कर रहे हैं और इस अकादमी में खिलाड़ियों को हर तरह की सुविधाएं मिलती हैं और मेरी कोशिश यह है कि मैं इस अकादमी से देश को ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी दूं। इस अकादमी में इतने खिलाड़ी हैं।
प्रश्न 5 :— अगर आपको आम आदमी पार्टी से टिकट मिल जाती है और आप चुनाव जीत जाते हैं तो क्या और अकादमी बनाएंगे या खिलाड़ियों की और मदद करेंगे?
उत्तर 5 : देखिये मैंने पहले भी कहा कि मैं ज्यादा से ज्यादा हर संभव मदद करता हूं। मुझे टिकट मिलती है तो मुझे उम्मीद है कि मेरे वार्ड के लोग मुझे जरूर जिताएंगे। मैं एक बात और स्पष्ट कर देता हूं कि मैं खिलाडियों की मदद करना जारी रखूंगा और अकादमी खोलने की कोशिश करूंगा।
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