कोरोना के समय में लोगों के सहारा बने आचार्य विक्रमादित्य

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली : कोरोना महामारी के समय में नेता, क्रिकेटर, खिलाड़ी, बिजनेसमैन कोई मदद करता है तो उसकी खबर बड़ी प्रमुखता से सब जगह आ जाती है लेकिन इस समाज में कई ऐसे लोग हैं जो बिना अपना प्रचार किए पर्दे के पीछे से लोगों के जन सेवा कार्य में ईमानदारी के साथ लगे हुए हैं। ऐसे ही एक शख्स आचार्य डॉक्टर विक्रमादित्य हैं जो विवेकानंद एनसी अस्पताल योगाश्रम के निदेशक हैं और कोरोना के समय में लोगों का सहारा बने हुए हैं। वह और उनकी टीम जब से कोरोना आया है तब से जरूरतमंद लोगों हर तरह से हर संभव मदद कर रही हैं। वह अपने आश्रम में ही लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जूस, देशी घी, खाने के पैकेट और आदि जरूरी चीजें दे रहे हैं। वह अभी तक लाखों लोगों की मदद कर चुके हैं और उनका कहना है कि वह कोई मसीहा बनने के लिए यह काम नहीं कर रहे हैं बल्कि यह हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह खराब समय में एक—दूसरे की मदद करे। विक्रमादित्य ने बताया कि मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद का सहारा बना जाए। जब मैं लोगों की मदद करता हूं तो मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है। हमें हर किसी की हर संभव मदद करनी चाहिए। विक्रमादित्य यह भी बताते हैं कि हवा में कोरोना से निजात पानी है तो इसके लिए यज्ञ करना चाहिए क्योंकि यह स्पष्ट हो चुका है कि यज्ञ करने से ही हवा में कोरोना को मात दी सकती है। 

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